Ladki Bahin Yojana January Installment 2026: महाराष्ट्र सरकार की मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना राज्य की महिलाओं के लिए आर्थिक सुरक्षा का मजबूत माध्यम बन चुकी है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹1500 की सहायता राशि सीधे बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाती है। दिसंबर माह का भुगतान सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद अब सभी लाभार्थी जनवरी 2026 की किस्त का इंतजार कर रही हैं। हालांकि जनवरी माह समाप्त हो चुका है, लेकिन अभी तक कई महिलाओं को इस माह की राशि प्राप्त नहीं हुई है, जिसके कारण योजना को लेकर उत्सुकता बनी हुई है।
सरकारी विभागों से मिल रही जानकारी के अनुसार जनवरी की किस्त फरवरी महीने में जारी की जाएगी। भुगतान से जुड़ी फाइलें वित्त विभाग को भेजी जा चुकी हैं और आवश्यक बजट भी स्वीकृत किया जा चुका है। बहुत जल्द आधिकारिक तारीख की घोषणा होने की संभावना है।
Ladki Bahin Yojana January Installment 2026 Overview
| योजना का नाम | Ladki Bahin Yojana |
| लाभ | राज्य की महिलाओ हर महीने 1500 रुपये मिलेंगे |
| किसने शुरू की | मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे |
| योजना की शुरुवात | महाराष्ट्र अंतरिम बजट 2024 |
| लाभार्थी | राज्य की महिलाये |
| आयु सिमा | न्यूनतम 21 वर्ष अधिकतम 65 वर्ष |
| उद्देश्य | महिला सशक्तिकरण और महिलाओ को आत्मनिर्भर बनाना |
| मिलने वाली धनराशि | ₹1500 प्रति महीने |
| आवेदन प्रक्रिया | ऑनलाइन/ऑफलाइन |
| आधिकारिक वेबसाइट | ladkibahin.maharashtra.gov.in |
Ladki Bahin Yojana January Installment
विभागीय सूत्रों और अब तक सामने आई आधिकारिक जानकारी के अनुसार लाडकी बहिन योजना की जनवरी 2026 की किस्त का भुगतान फरवरी माह में किया जाएगा। सरकार द्वारा राशि ट्रांसफर की प्रक्रिया को दो चरणों में पूरा करने की योजना बनाई गई है, क्योंकि इस योजना के अंतर्गत 2.47 करोड़ से अधिक महिलाएँ पंजीकृत हैं और एक साथ भुगतान करने से डीबीटी प्रणाली पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
अनुमान है कि यह भुगतान 15 फरवरी से 25 फरवरी 2026 के बीच शुरू हो सकता है। पहले चरण में कुछ चुनिंदा जिलों की महिलाओं के खातों में राशि भेजी जाएगी, जबकि दूसरे चरण में शेष जिलों की लाभार्थी महिलाओं को किस्त प्रदान की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि तकनीकी व्यवस्था और लाभार्थियों की संख्या को ध्यान में रखते हुए चरणबद्ध वितरण ही सबसे प्रभावी तरीका है, ताकि प्रत्येक पात्र महिला तक बिना किसी रुकावट के सहायता राशि पहुँच सके।
जनवरी किस्त में देरी की वजह
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक कुछ विशेष परिस्थितियों के कारण भुगतान प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हो सकी। महिला एवं बाल विकास विभाग ने पात्र महिलाओं की अद्यतन सूची तैयार कर वित्त विभाग से निधि की मांग की थी। अब लगभग ₹3500 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है, जिसके बाद किस्त जारी करने का रास्ता साफ हो गया है।
कौन महिलाएँ पात्र होंगी?
योजना का लाभ उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जो—
- महाराष्ट्र की निवासी हों
- परिवार की आय 2.5 लाख से कम हो
- परिवार में चार पहिया वाहन न हो
- आयु 21–65 वर्ष के बीच हो
- आयकर दाता न हों
- बैंक खाता आधार से लिंक हो
- DBT सक्रिय हो
भुगतान स्थिति कैसे देखें?
- आधिकारिक पोर्टल खोलें
- अर्जदार लॉगिन करें
- पुराना आवेदन विकल्प चुनें
- पेमेंट स्टेटस पर क्लिक करें
- किस्त की जानकारी देखें
लाभार्थी सूची देखने का तरीका
- अपने जिले के पोर्टल पर जाएँ
- लाडकी बहिन योजना यादी विकल्प चुनें
- वार्ड/ब्लॉक सेलेक्ट करें
- PDF डाउनलोड कर नाम जाँचें
यदि सूची उपलब्ध न हो तो पोर्टल पर आवेदन की स्थिति “Approved” जरूर चेक करें।
कई महिलाओं को मिलेंगे ₹3000
पिछले हफ्ते में तकनीकी कारणों से अनेक महिलाओं को राशि नहीं मिली थी। सरकार ने ऐसे लाभार्थियों को राहत देते हुए निर्णय लिया है कि—
- जिन महिलाओं को पुरानी किस्त नहीं मिली
- उन्हें अगली बार दो किस्तें एक साथ
- यानी खाते में ₹3000 तक जमा हो सकते हैं
ई-केवायसी अनिवार्य
Ladki Bahin Yojana January Installment प्राप्त करने के लिए—
- आधार लिंकिंग जरूरी
- DBT सक्रिय होना चाहिए
- बैंक विवरण सही होना अनिवार्य
बिना केवायसी भुगतान रुक सकता है।
महत्वपूर्ण बिंदु
- भुगतान फरवरी 2026 में
- निधि मंजूर हो चुकी
- दो चरणों में ट्रांसफर
- कुछ को डबल किस्त
- KYC अनिवार्य
निष्कर्ष
लाडकी बहिन योजना महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला रही है। जनवरी 2026 की किस्त में भले ही देरी हुई हो, लेकिन सरकार द्वारा सभी जरूरी कदम उठाए जा चुके हैं। उम्मीद है कि फरवरी माह में सभी पात्र महिलाओं के खाते में राशि सफलतापूर्वक पहुँच जाएगी।
Ladki Bahin Yojana January Installment FAQ
KYC जरूरी है
हाँ, अनिवार्य।
स्टेटस कैसे देखें
आधिकारिक पोर्टल पर लॉगिन करके।
₹3000 किसे मिलेंगे
जिनको पिछली किस्त नहीं मिली।
जनवरी किस्त कब मिलेगी
फरवरी 2026 के दूसरे–तीसरे सप्ताह में।